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Harish Bhatt

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अतिथि तुम कब जाओगी

Posted On: 14 Sep, 2010 Others में

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‘अतिथि देवो भवः’ दुनिया भर में घूमते-घूमते एक दिन अंग्रेजी हिन्दी के घर में आई। शुरू-शुरू में अच्छा लगा, नया मेहमान आया है। खूब-खातिरदारी हुई। घर के हर कोने में अच्छा सम्मान मिला, हर किसी को लगा मेहमान अच्छा है। हिन्दी मेहमाननवाजी करते-करते कब अपने घर में बेगानी हो गई, हिन्दी को पता भी न चला। अंग्रेजी ने धीरे-धीरे घर के हर कोने में अपनी जड़े जमा दी। जहां हिन्दी का स्वर्णिम इतिहास भी धूल में मिल गया। वक्त ki मार खाते-खाते हिन्दी भयानक रूप से बीमार हो गई। जबकि अंग्रेजी को किसी भी तरह की कोई दिक्कत न आने के कारण वह तन्दरूस्त हो गई। आलम यह है कि आज हर तरफ अंग्रेजी हावी है, जबकि हिन्दी बेचारी अपने घर में ही बेगानों सा जीवन जी रही है। man ko khush karne वाली बात है कि खास चीजों को सेलीब्रेट करने के लिए जैसे मदर्स डे, चिल्ड्रन डे, टीचर्स डे है, ठीक उसी तरह अंग्रेजी ने भी हिन्दी के लिए एक दिन १४ सितम्बर को हिन्दी डे घोद्गित कर रखा है, ताकि उसके मेजबान को बुरा न लगे। हम khush है कि हमको मेहमान के दबाव में एक दिन की आजादी मिली हिन्दी डे को सेलीब्रेट करने। इस एक दिन में हिन्दी के स्वर्णिम पलों को याद कर लेते है, थोडा अपने ज्ञान को प्रचार-प्रसार दे लेते है, क्योंकि फिर समय मिलें या न मिले, अगर हमने किसी और दिन हिन्दी की बात की, तो हमारा मेहमान हमसे नाराज होकर चला न जाए और अतिथि देवो भवः, और हम अपने देव को नाराज नहीं कर सकते, भले ही हमारा अपना हमसे रूद्गट हो जाए क्योंकि घर की मुर्गी दाल बराबर, तभी तो हम आज अंग्रेजी के नाज-नखरे उठा रहे है, और न जाने कब तक उठाते रहेंगे। यह सवाल हमेच्चा जिंदा रहेगा अतिथि तुम कब जाओगी?

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Kethan के द्वारा
October 17, 2016

Didn’t know the forum rules allowed such brlaniilt posts.

rajesh के द्वारा
September 14, 2010

हिंदी को वह सम्मान नहीं मिलता जो उसको मिलना था. एक अच्छा लेख.

Piyush Pant के द्वारा
September 14, 2010

हरीश जी ………. अंग्रेजी को अतिथि कहना गलत होगा……….. अन्यथा लोग अतिथि देवो भव: के नाम पर इसको पालते रहेंगे…………. एक अच्छा लेख ……………… हार्दिक बधाई…… http://piyushpantg.jagranjunction.com

surindersingh के द्वारा
September 14, 2010

apka lakh achcha laga thax surinder singh danu


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