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जियो और जीने दो- पेड़ की पुकार

Posted On 5 Jun, 2012 में

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save-the-environment-f4आज विश्व पर्यावरण दिवस है, दुनिया भर में पर्यावरण को बचाने की मुहिम चल रही है. लेकिन क्‍या यह सच नहीं है कि विकास के नाम पर हमको बेदर्दी से काटा, उखाड़ा जा रहा है. मेरी आपसे एक ही गुजारिश है कि मुझे भी जीने दो, मैं जिंदा रहा तो आप भी सुकून से रहेंगे, अगर मैं ही नहीं रहा तो फिर आप कैसे जिंदा रहोगे. सब कुछ जानते-समझते हुए भी मुझ पर कुठाराघात क्यों? किसी भी डे को सेलिब्रेट करना जितना आसान है, उतना ही कठिन उस पर अमल करना. सिर्फ एक बार सोचिए मुझको उखाड़ कर क्या आप पर्यावरण को बचा पाएंगे. मैं आज तक भी आपको समझ नहीं पाया हूं, एक ओर कहते हो कि पेड बचाओ, पेड ही हमारी जिंदगी है, तो वही दूसरी ओर अपनी सुख-सुविधाओं के लिए हम पर ही आरियां चलवा रहे हो, आरियां तो आरियं हमको तो जड सहित उखाड दिया जाता है. फिर रोते हो कि हाय पेड होता तो कम से कम ताजी हवा तो मिलती, धूप से बचाव तो करता. अभी भी वक्‍त है, मुझ पर नहीं, तो अपने पर ही रहम करो, वरना वह दिन दूर नहीं जब मैं सिर्फ इतिहास के पन्‍नों में दर्ज होकर रह जाउंगा. आप खुद तो हाइवे पर व्‍यवस्थित होकर चलते नहीं, और सडक कम चौडी होने का बहाना बनाकर हमे अपने रास्‍ते से हटवा देते हो. हे मानव, संभल जाओ, वरना बहुत पछताना पडेगा. बाकी क्‍या कह सकता हूं बस इतना जानता हूं, मारने वाले से बचाने वाला बडा होता है. इसलिए खुद भी जियो और मुझे भी जीने दो.

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4 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

ajeet के द्वारा
July 16, 2012

ya hai hamra des jo aysi buraiyo se jujh rha hai

Devendra Trivedi के द्वारा
June 5, 2012

डेढ़ साल की मासूम पर किए बेइंतहा जुल्म Jun 05, 01:41 pm बताएं इंदौर। पिछले दिनों एक नन्ही बच्ची, जिसे मीडिया ने बेबी फलक नाम दिया था, पर हुए जुल्मो-सितम ने देखने-सुनने वालों के दिल दहला दिए थे। चर्चा में थी। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है। एक और बच्ची उसी तरह की दरिंदगी का शिकार बनी। मामला मध्यप्रदेश के इंदौर का है, जहां डेढ़ साल की मासूम बच्ची को उसकी मा के प्रेमी ने अधमरा कर दिया।बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। बच्ची के शरीर पर सिगरेट से दागे जाने के 11 निशान हैं। उसके हाथों में कई जगह फ्रैक्चर है। बच्ची को उसकी मा जरीना हॉस्पिटल लेकर आई। जरीना ने बताया कि उसके प्रेमी ने ही बच्ची का यह हाल बनाया है। वह उस पर कई हफ्तों से जुल्म ढा रहा था। जरीना अपने तीन बच्चों को लेकर प्रेमी वाहिद के साथ अजमेर भाग गई थी। वाहिद जरीना के बच्चों को पसंद नहीं करता था। उसने उन्हें सेक्स रैकेट में भी धकेलने की कोशिश की। जरीना वाहिद से पीछा छुड़ाकर इंदौर भाग आई और बच्ची को अस्पताल में दाखिल कराया। वाहिद को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह अपना जुर्म कबूल कर चुका है। पेड औऱ बचचे हमारी धरॊहर है इनकॊ पीडा देने बालॊ कॊ कडी से कडी और दुसकर सजा दी जानी चािहए

    ajeet के द्वारा
    July 16, 2012

    डेढ़ साल की मासूम पर किए बेइंतहा जुल्म Jun 05, 01:41 pm बताएं इंदौर। पिछले दिनों एक नन्ही बच्ची, जिसे मीडिया ने बेबी फलक नाम दिया था, पर हुए जुल्मो-सितम ने देखने-सुनने वालों के दिल दहला दिए थे। चर्चा में थी। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है। एक और बच्ची उसी तरह की दरिंदगी का शिकार बनी। मामला मध्यप्रदेश के इंदौर का है, जहां डेढ़ साल की मासूम बच्ची को उसकी मा के प्रेमी ने अधमरा कर दिया।बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। बच्ची के शरीर पर सिगरेट से दागे जाने के 11 निशान हैं। उसके हाथों में कई जगह फ्रैक्चर है। बच्ची को उसकी मा जरीना हॉस्पिटल लेकर आई। जरीना ने बताया कि उसके प्रेमी ने ही बच्ची का यह हाल बनाया है। वह उस पर कई हफ्तों से जुल्म ढा रहा था। जरीना अपने तीन बच्चों को लेकर प्रेमी वाहिद के साथ अजमेर भाग गई थी। वाहिद जरीना के बच्चों को पसंद नहीं करता था। उसने उन्हें सेक्स रैकेट में भी धकेलने की कोशिश की। जरीना वाहिद से पीछा छुड़ाकर इंदौर भाग आई और बच्ची को अस्पताल में दाखिल कराया। वाहिद को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह अपना जुर्म कबूल कर चुका है। पेड औऱ बचचे हमारी धरॊहर है इनकॊ पीडा देने बालॊ कॊ कडी से कडी और दुसकर सजा दी जानी चािहए

sandeep के द्वारा
June 5, 2012

पर्यावरण दिवस के मौके पर कई लोग बड़ी बडी बातें तोकर देते हैं, फेसबुक, पोस्ट, ट्विटर पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है लेकिन क्या कोई आगे भी काम कर सकता है इसके


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