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Harish Bhatt

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तेरे प्‍यार का खौफ

Posted On: 9 Mar, 2013 में

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मेरे दिलो-दिमाग पर
छाया है
तेरे प्‍यार का खौफ
अपनी भी थी
नीयत नेक और इरादे बुलंद
पर क्‍या करूं
समझ नहीं पाता हूं
गहरा गया है इस कदर
तेरे प्‍यार का खौफ
न दिन में चैन
न रात को आराम
भूल चुका हूं
अपना लक्ष्‍य और कर्म
अब याद आता नहीं
क्‍या कहा था मां ने
पिता को सहारा देने की
सोचते-सोचते
डूब गया
तेरे प्‍यार के गहरे सागर में
न समाज का डर
न अपनों की चिंता
जानता हूं कि
तुम ही कर सकते हो ऐसा
तुमने ही बांधा था
अपने मोहपाश में
मुझमें नहीं इतनी शक्ति
छुडा सकूं खुद को इस पाश से
अब तो बस एक ही ख्‍वाहिश
समा लो मुझे अपने में या
दे दो मुझे मुक्ति.

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11 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Rajiv Singh के द्वारा
July 28, 2014

very nice poet

Ashutosh Shukla के द्वारा
March 16, 2014

सुन्दर अभिव्यक्ति “भट्ट जी”…अच्छी लगी कभी इधर भी समय अवश्य दें..

bdsingh के द्वारा
October 5, 2013

प्यार में सब कुछ भूल गया।बहुत सुन्दर कविता।

sanjeevtrivedi के द्वारा
September 30, 2013

बहुत अच्छी कविता है 

udayraj के द्वारा
September 3, 2013

एक बेहतरीन प्रस्तुति के लिए बधाई । आज हम जिस दौर से गुजर रहे हैं इसमें सिर्फ लोग प्याबर को अहमियत देते हैं , वो भी ‘गर्ल फ्रेंड’ के प्यार को । बाकी के दुनिया से उन्हें कुछ मतलब नहीं है । फिर भी रोज बेवफाई के किस्से सुने जाते हैं । आखिर क्यों इनके बाद भी दुनिया है , एक खुशहाल परिवार में सब लोंगो का होना जरुरी है । मुक्तिबोध के शब्दों में – अकेले में कभी मुक्ति नहीं मिलती है, अगर वह है तो सबके साथ है ।।

Preet के द्वारा
September 2, 2013

Nice & True lines ……

Mann Ki Kawita के द्वारा
July 30, 2013

बहुत खुबसूरत कविता …………..

rekha dubey के द्वारा
March 9, 2013

क्या खूब कहा सर मुहव्वत का जूनून सिर चढ़ के वोलता है |

    sumit malik के द्वारा
    March 23, 2013

    mam love life distroy hi krta h kabhi appne suna hi ki uski life love n bana di so is s dur hi rahna cahiye

    siddhesh के द्वारा
    March 25, 2013

    aisa nahi hai par kabhi kabhi ho jata he par life mai asi ladaki se pyar ko jo tumko sabhale aur eak bat life hame thokar markar girati hai par ye hampar dipend karata he ki ham vapas khade hona chahate he ya nahi

manoranjanthakur के द्वारा
March 9, 2013

सुंदर …सम्मोहित करती बहुत बधाई


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